ब्रेकिंग : पंचायती राज चुनाव के आरक्षण रोस्टर पर फिर विवाद, 20 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई..

ब्रेकिंग : पंचायती राज चुनाव के आरक्षण रोस्टर पर फिर विवाद, 20 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई..

ऑनलाइन न्यूज़ नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों से पहले ही आरक्षण रोस्टर को लेकर विवाद गहरा गया है. इस मुद्दे ने अब कानूनी रूप ले लिया है, जहां याचिकाकर्ताओं ने आरक्षण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है.

इन याचिकाओं ने आरोप लगाया है कि पंचायत चुनावों के लिए सीटों का आरक्षण तय करते समय निर्धारित नियमों और मानकों की अनदेखी की गई है. ऐसे में अब मामला हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के समक्ष है, जहां न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ इस संवेदनशील विषय पर 20 अप्रैल को सुनवाई करेगी.

याचिकाओं में यह भी आरोप है कि कई स्थानों पर जनसंख्या के वास्तविक आंकड़ों को नजरअंदाज करते हुए सीटों को आरक्षित कर दिया गया, जिससे स्थानीय प्रतिनिधित्व के संतुलन पर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं. इस कथित अनियमितता ने ग्रामीण स्तर पर असंतोष को जन्म दिया है और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बहस छेड़ दी है.

हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. इसके साथ ही सरकार को निर्देश दिए गए हैं कि वह तीन दिनों के भीतर इस पूरे मामले पर अपना पक्ष और आवश्यक हिदायतें अदालत में प्रस्तुत करे. अब सबकी निगाहें 20 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि पंचायत चुनावों का यह विवाद किस दिशा में जाएगा, क्या रोस्टर में बदलाव होंगे या सरकार की प्रक्रिया को वैध ठहराया जाएगा.

31 मई से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के आदेश..

सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश में 31 मई से पहले चुनावी प्रक्रिया को पूरा करने के आदेश दिए हैं. ऐसे में 7 अप्रैल को आरक्षण रोस्टर जारी होने के साथ ही पंचायतीराज संस्थाओं को लेकर हलचल तेज हो गई है. वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग ने भी अपनी चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देने की तैयारी में है. इसी कड़ी में मुख्य निर्वाचन आयुक्त अनिल कुमार खाची ने पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों को लेकर सभी डीसी और एसपी के साथ ऑनलाइन बैठक ली.

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